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अमरनाथ यात्रा पर हमले का आया अलर्ट तो सरकार ने इन्हें भेज दिया कश्मीर, अब आएगी आतंकियों की आफत

भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में बढ़ती हिंसा पर महबूबा मुफ़्ती की सरकार को असफल होने पर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के फैसले से सबको चौंका दिया. किसी ने उम्मीद नहीं की होगी कि भाजपा इस इस तरह का भी फैसला ले सकती है. वहीँ भाजपा के इस फैसले के पीछे की जो सबसे महत्वपूर्ण वजह सामने आ रही है उसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाओगे.

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मोदी सरकार ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए एक अहम फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि इस फैसले को लेकर महबूबा मुफ़्ती तैयार नहीं थी जिसके चलते भाजपा ने महबूबा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था.

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केंद्र सरकार ने इस वर्ष अमरनाथ यात्रापर आतंकी हमले के अलर्ट के मद्देनजर सुरक्षा के लिए नेशनल सिक्यॉरिटी गार्ड्स (NSG)  का एक जत्था जम्मू-कश्मीर रवाना कर दिया है. “ब्लैक कैट” कमांडो के नाम से मशहूर इस खास प्रशिक्षित दस्ते का काम कश्मीर में चल रहे आतंक विरोधी अभियानों के दौरान भी किये जाने की बात सामने आ रही है.

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सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक़ अधिकारियों का कहना है कि घाटी में कुछ समय के लिए एनएसजी की एक टीम तैनात की गई है और शहर के बाहरी इलाके में उनकी कड़ी ट्रेनिंग भी चल रही है. इसका मतलब साफ है कि मोदी सरकार ने घाटी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महबूबा मुफ़्ती की सरकार से अपना समर्थन वापस लिया.

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वहीँ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महबूबा मुफ़्ती ने भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि ” भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर में सख्ती की नीतियाँ लागू करने की बात करने लगी. उन्होंने कहा कि ऐसी नीति राज्य में नहीं चलेगी. इसी के साथ महबूबा ने कहा कि दोनों पार्टियां अलग-अलग विचारधारा को मानती हैं, लेकिन फिर भी बड़े विजन को साथ लेकर BJP के साथ गठबंधन किया गया था.

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महबूबा मुफ़्ती ने अपने बयान से साफ़ कर दिया कि वह राज्य में आए दिन हो रही घटनाओं पर सख्ती नहीं दिखाएंगी वहीं भाजपा सख्ती को लेकर डटी रही और इसका अंत गठबंधन के टूटने के साथ हुआ. भाजपा घाटी में जो हालात बन रहे हैं उनका समाधान निकालना चाहती थी इसी के चलते भाजपा ने सख्ती का रास्ता अपनाने की बात कही लेकिन महबूबा नरमी की बात कहती रहीं.

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