Posted By wpadmin
वहां गिरी सरकार और यहाँ कश्मीर में देखिये क्या हो गया, देखकर आपको भी नहीं होगा यकीन

पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने सरकार गिरा दी है. केंद्र सरकार को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था जैसे घाटी में आतंकियों के सफाए के लिए राज्य सरकार सेना का समर्थन नहीं कर रही थी और पत्थरबाजों पर भी नियंत्रण नहीं कर पा रही थी. जिसके चलते मोदी सरकार ने यह कदम उठाया है. सरकार गिरने के बाद ही केन्द्रीय सुरक्षाबल एक्शन में आ गये और ताबड़तोड़ कार्रवाई करना शुरू कर दिया.

Image Source

जानकारी के लिए बता दें 48 घंटों में ही सेना ने घाटी की तस्वीर बदल डाली है. सेना आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश में लग गयी है. महबूबा मुफ़्ती को इस्तीफा दिए हुए कुछ घंटे ही बीते हैं कि किस तरह सेना ने घाटी की तस्वीर बदल डाली है. आज हम आपको पूरा घटनाक्रम बताने जा रहे हैं जिसे देखने के बाद आपको भी मोदी सरकार पर गर्व होगा. देश के मशहूर चंदन तस्कर वीरप्पन सहित कई नक्सलियों को मारने वाले सुब्रमण्यम विजय कुमार को केंद्र सरकार ने राज्यपाल का सलाहकार बनाकर भेजा है. घाटी में आतंकियों की आफत आ गयी है. इसी के साथ एनएसजी कमांडों को भी घाटी में तैनात किया गया है. सेना ऑपरेशन आल आउट को अंजाम देने के लिए तेजी से काम कर रही है. जल्द ही घाटी से आतंकियों का सफाया होगा.

यासीन मलिक को किया गिरफ्तार Image Source

देखिये पिछले 48 घंटों में जम्मू-कश्मीर में क्या हुआ है.<
19 जून <
19 जून को दोपहर 3 बजे बीजेपी ने जम्मू कश्मीर से अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया था. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई कोर बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी महासचिव राम माधव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के ताजा हालातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. बैठक से पहले अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिलने पहुंचे थे. जिसके बाद ही यह फैसला लिया गया था.

अजीत डोभाल से मिलने के दौरान अमित शाह Image Source

20 जून 2018
जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हुए, पूर्व आईपीएस अधिकारी विजय कुमार को राज्यपाल का सलाहकार नियुक्त करके भेजा गया था. जिसके बाद बहुत तेजी से विधानसभा को निलंबित किया गया. इसी बीच राज्यपाल एन एन वोहरा के उपायों की समीक्षा के लिए CRPF के पूर्व महानिदेशक एवं उग्रवादी घटनाओं को नियंत्रित करने वाले विशेषज्ञ विजय कुमार को राज्यपाल का सलाहकार केंद्र सरकार ने नियुक्त किया गया. राज्यपाल का शासन लगने के बाद ही इनके नाम की मंजूरी गृह मंत्रालय द्वारा दे गयी थी. इसी बीच जनरल बिपिन रावत ने कहा कि घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान पर इसका कोई असर नही होगा उनके खिलाफ अभियान पहले की तरह जारी रहेगा. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा को साल 2008 के जून महीने में राज्यपाल बनाया गया था. जम्मू-कश्मीर में पिछले 40 सालों में आठवीं बार राज्यपाल शासन को मंजूरी दी गयी है. जम्मू कश्मीर की विधानसभा का 6 साल कार्यकाल 2021 में पूरा होगा. समर्थन वापस लेने के बाद अमित शाह ने राज्य के तीनों क्षेत्र जम्मू,कश्मीर और लद्दाख के लिए समान विकास को लेकर उनकी पार्टी की कोशिशों को बाधित करने के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया. अमित शाह ने कहा था कि पीडीपी से समर्थन वापस लेने के पीछे की वजह 2019 लोकसभा चुनाव नहीं थी. 20 जून को ही रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण जी औरंगजेब के परिवार से मिलने गयी थी. देर शाम 20 जून को महबूबा मुफ़्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

पीडीपी से बीजेपी ने लिया समर्थन वापस Image Source

21 जून
(जेकेएनपीपी) के कार्यकर्ताओं ने राज्य की विधानसभा में हंगामा कर सरकार को तत्काल प्रभाव से भंग करने की मांग करते हुए यहाँ प्रदर्शन किया. जिससे सरकार बनाने के लिए खरीद फरोख्त को रोका जाए. इसके बाद यासीन मलिक को हिरासत में लिया गया. यासीन मलिक में हिरासत में लिया लेकिन हुर्रियत मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद किया गया ताकि अलगावादी विरोध प्रदर्शन ना कर सकें. पीडीपी ने नाता तोड़ने के बाद अब सेना अपना काम ठीक से कर सकेगी और घाटी से आतंकियों का जल्द से जल्द सफाया होगा.
मोदी सरकार के इस कदम से आप संतुष्ट हैं? कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं

News Source