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कश्मीर ब्रेकिंग : राज्य में फिर बन रही है बीजेपी सरकार ? कश्मीर के इस बड़े नेता ने…

जम्मू-कश्मीर में भाजपा के समर्थन वापसी के बाद महबूबा मुफ्ती की पीडीपी सरकार गिर चुकी है और राज्यपाल शासन लगा हुआ है. वहीँ अब जम्मू-कश्मीर से जो खबर आ रही है उसे जानकर राजनीतिक दलों के होश उड़ना तय है. भाजपा और पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद अब एक नए गठबंधन की ख़बरों ने जोर पकड़ लिया है.

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मीडिया द्वारा मिल रही जानकारी के मुताबिक पीपुल्स पार्टी के सज्जाद लोन नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के कुछ बागी विधायकों के साथ भाजपा के समर्थन से सरकार बना सकते हैं. खबरों के मुताबिक पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन सज्जाद लोन इस समय दिल्ली में हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की है. पीडीपी के जिन विधायकों का समर्थन सज्जाद लोन के साथ बताया जा रहा है उनके फोन या तो बंद है या फिर वो फोन उठा ही नहीं रहें. इस बीच राज्यपाल ने कल सभी पार्टियों की बैठक बुलाई है, इस बैठक के बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है.

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जो ख़बरें सामने आ रही हैं उसके अनुसार सज्जाद लोन के संपर्क में जो विधायक हैं उनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के अल्ताफ कलू , शमीमा फिरदौस, इश्फाक जब्बार और जम्मू से एक विधायक, वहीँ कांग्रेस की तरफ से उस्मान मजीद का नाम शामिल है अगर बात पीडीपी की करें तो उसमें अब्दुल हक़ खान, जावेद मुस्तफा मीर, यूसुफ़ भट, मुश्ताक़ शाह, आबिद अंसारी, अब्बास वानी, ऐजाज़ मीर और ज़हूर मीर शामलि हैं.

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मबबूबा सरकार में मुख्यमंत्री रहे कवींद्र गुप्ता भी इस तरह की संभावना से इनकार कर रहे हैं, उनके ही एक बयान से ऐसी चर्चाओं जोर पकड़ा. अब कवींद्र गुप्ता कह रहे हैं कि अगर भाजपा को सत्ता में रहना होता तो वो समर्थन वापस नहीं लेती. पहले कवींद्र गुप्ता ने कहा था कि राज्य में अभी सरकार नहीं बनेगी, हम कुछ और कर रहे हैं.

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बातें कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर में सख्ती की नीतियाँ लागू करने की बात करने लगी. उन्होंने कहा कि ऐसी नीति राज्य में नहीं चलेगी. इसी के साथ महबूबा ने कहा कि दोनों पार्टियां अलग-अलग विचारधारा को मानती हैं, लेकिन फिर भी बड़े विजन को साथ लेकर BJP के साथ गठबंधन किया गया था.

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महबूबा मुफ़्ती ने अपने बयान से साफ़ कर दिया कि वह राज्य में आए दिन हो रही घटनाओं पर सख्ती नहीं दिखाएंगी वहीं भाजपा सख्ती को लेकर डटी रही और इसका अंत गठबंधन के टूटने के साथ हुआ. भाजपा घाटी में जो हालात बन रहे हैं उनका समाधान निकालना चाहती थी इसी के चलते भाजपा ने सख्ती का रास्ता अपनाने की बात कही लेकिन महबूबा नरमी की बात कहती रहीं. लेकिन अब जो ख़बरें नए गठबंधन को लेकर आ रही हैं उसने सबको हैरान कर दिया है. लेकिन इस खबर की अभी तक कोई पुष्टि नहीं की गई है. सूत्रों के हवाले से मिली खबर है. अगर भाजपा गठबंधन करती भी है तो वह वहीँ शर्तों के साथ किसी को समर्थन देगी जो उसने महबूबा मुफ़्ती के सामने रखीं. जिनमें सबसे महत्वपूर्ण घाटी में सख्ती की बात है.

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