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कश्मीर पर देखिये क्या बोले अमित शाह, कहा मुझे नहीं लगता महबूबा मुफ़्ती का..

जम्मू-कश्मीर के बिगड़ते हालातों को देखते हुए 19 जून को देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़कर महबूबा मुफ़्ती को बड़ा झटका दे दिया था. जिसके बाद राज्य में राज्यपाल शासन की घोषणा कर दी गयी. दरअसल घाटी में पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा था. आये दिन आतंकियों की घुसपैठ के मामले सामने आते रहते थे. सेना ने हर बार आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देती आई है.

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जानकारी के लिए बता दें जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती की सरकार सेना के ऑपरेशन आल आउट में मदद नहीं कर पा रही थी वहीँ सरकार का पत्थरबाजों पर भी कोई नियंत्रण नहीं था जिसके चलते मोदी सरकार ने फैसला लेते हुए अपना समर्थन वापस ले लिया. केंद्र सरकार आतंकियों से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही थी लेकिन जम्मू-कश्मीर सरकार की सहायता ना मिलने की वजह से सेना अपना काम अच्छे से नहीं कर पा रही थी जिसके चलते यह फैसला लिया गया है.

पीडीपी से बीजेपी ने लिया समर्थन वापस Image Source

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने के बाद दिया बड़ा बयान 

समर्थन वापस लेने के बाद पहली बार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है. शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पीडीपी से समर्थन वापस लेने का फैसला होने वाले लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर नहीं लिया गया है. उन्होंने एक चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा है कि अगर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर यह फैसला लेना होता तो छह महीने बाद लिया जाता. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर राज्य को धनराशि उपलब्ध कराने के बाद भी कश्मीरी पंडितों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से राज्य में पहुंचे लोगों को पुनर्वास मुहैया और अन्य मुद्दों में मामूली की प्रगति देखने को मिली. 

इंटरव्यू के दौरान अमित शाह Image Source

गौरतलब है कि इसी के साथ अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में बिगडती कानून व्यवस्था को भी जिम्मेदार ठहराते हुए पीडीपी से अलग होने के फैसले के लिए जिम्मेदार बताया है. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा कि “ये चीजें आगे नहीं बढ़ीं हम कितना इंतजार करते. मुझे नहीं लगता कि महबूबा मुफ्ती का इरादा गलत था लेकिन कई तरह के दबाव समूह आ गए जिन्होंने संतुलित विकास का सपना तोड़ दिया. जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के तीनों क्षेत्रों में विकास का जो संतुलन होना चाहिए था, वह नहीं हुआ और साथ ही कानून व्यवस्था की (बदतर हुई) स्थिति भी थी.’

पीडीपी से अलग होकर बीजेपी ने सही किया है या नहीं? कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं.

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