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कश्मीर में अब जो हो रहा है उससे आप होंगे चकित, मगर ये देखने के बाद आप भी बोल पड़ोगे ‘ओ तेरी, मोदी जी ने…

जम्मू-कश्मीर में महबूबा की सरकार से समर्थन वापस लेकर भाजपा ने अपना इरादा साफ़ कर दिया है कि घाटी में शांति व्यवस्था बनाने के लिए वह सत्ता को भी ठुकरा सकती है. इस बात का संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले ही दे दिया था. घाटी में मोदी सरकार की आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट पहली प्राथमिकताओं में से एक बन जाएगी. इसका उदाहरण भाजपा ने महबूबा से समर्थन वापस लेकर दिखा दिया.

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जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़कर अपने इरादे बता दिये हैं कि अब सेना आतंकियों पर कहर बनकर टूटेगी. इतना ही नहीं अब पत्थरबाजों की भी शामत आने वाली है. मीडिया से बातचीत करते हुए राम माधव ने कहा कि “रमजान के महीने में हमने सीजफायर कर दिया था. हमें उम्मीद थी कि राज्य में इसका अच्छा परिणाम सामने आएगा. यह कोई हमारी मजबूरी नहीं थी, न तो इसका असर आतंकवादियोें पर पड़ा और न हुर्रियत पर.” 

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अब मोदी सरकार का इरादा साफ़ है कि घाटी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार किसी के दबाव में नहीं रहेगी. वहीँ बता दें कि मंगलवार को गठबंधन से अलग होने के बाद बुधवार को सेना ने घाटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आतंकियों को मौत के घात उतार दिया.

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जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने जो फैसला लिया उसका संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दे चुके थे. पीएम मोदी ने करीब 2 महीने पहले ही अपने इरादे साफ़ कर दिए थे. लंदन के वेस्‍टमिनिस्‍टर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा था कि “जब कोई टेरे‍रिज्‍म एक्सपोर्ट करने का उद्योग बना करके बैठा हो, मेरे देश के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया जाता हो, युद्ध लड़ने की ताकत नहीं है, पीठ पर प्रयास करने के वार होते हों, तो ये मोदी है, उसी भाषा में जवाब देना जानता है.” इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने साफ़ कर दिया कि वह देश के जवानों और देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े-से- बड़ा फैसला ले सकते हैं.

देश की सुरक्षा के लिए भाजपा का महबूबा मुफ़्ती से समर्थन वापस लेना कितना सही है. इस पर आप अपनी राय कमेंट कर दे सकतें हैं.

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