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जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने के बाद अब राज्यपाल को लेकर हो रही है हलचल, जानिए क्या होगा अब

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी का सहयोग ना मिलने की वजह से बीजेपी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है. जिसके जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शाशन को लागू कर दिया है. पीडीपी की वजह से केंद्र सरकार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था जिसके चलते यह फैसला लिया गया है. पीडीपी के सहयोग ना मिलने के कारण सेना को आतंकियों को मार गिराने में सफलता नहीं मिल पा रही थी. वहीँ सरकार का पत्थरबाजों पर भी कोई नियंत्रण नहीं था. अब बीजेपी ने पीडीपी ने नाता तोड़कर अपना रास्ता अलग कर लिया है.

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राज्यपाल शासन लगने के बाद नए राज्यपालों का नाम सुर्ख़ियों में 

जानकारी के लिए बता दें जम्मू-कश्मीर राज्य में वर्तमान राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल खत्म होने को है. जिसके चलते जम्मू-कश्मीर में नए राज्यपाल को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गयी हैं. सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि अगर अभी राज्यपाल का बदलाव कर दिया जाता है तो इससे अमरनाथ यात्रा को खतरा हो सकता है. जिसके चलते कयास लगाये जा रहे हैं कि अमरनाथ यात्रा के बाद नए राज्यपाल की नियुक्ति की जा सकती है.

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तो ये बन सकते हैं जम्मू-कश्मीर के नए राज्यपाल  

1- लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हुसैन- नए राज्यपाल बनने की दौड़ में श्रीनगर स्थित चिनार के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सैय्यद अता हुसैन का नाम चल रहा है. अमरनाथ यात्रा के बाद अता हुसैन को राज्यपाल बनाया जा सकता है. जनरल हुसैन ने 2010-2011 में जनरल ऑफिसर के रूप में ऑपरेशन सद्भावना को लीड किया था. जनरल हुसैन के पास आम जनता से जुड़े होने की विरासत है.

2-दिनेश्वर शर्मा- केंद्र के विशेष प्रतिनिधित्व करने वाले दिनेश्वर शर्मा का नाम भी इस राज्यपाल की दौड़ में है. दिनेश्वर शर्मा जी पूर्व ख़ुफ़िया आईबी में रह चुके हैं. उन्हें केंद्र सरकार की ओर से कश्मीर में लोगों के सभी वर्ग के लोगों से बातचीत करने के लिए विशेष प्रतिनिधित्व के लिए नियुक्त किया गया था. आईबी प्रमुख होने के साथ दिनेश्वर शर्मा ने अजीत डोभाल के साथ भी काम किया है.

3राजीव महर्षि- राजीव महर्षि साल 1978 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं. नौकरशाह के रूप में राजीव ने अपनी 4 दशक की यात्रा तय की है. नया राज्यपाल बनने की दौड़ में इनका भी नाम है.

ये बन सकते हैं जम्मू-कश्मीर नए राज्यपाल

4-ए एस दुलत- ए एस दुलत ने कई बार संकेत दिया था कि पीडीप गठबंधन साल 2018 तक नही टिक पायेगा. कश्मीर के पंडितों का कहना है कि दुलत कश्मीर के अगले राज्यपाल हो सकते हैं. देश के पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहार वाजपेयी जी के नेतृत्व में एएस दुलत ने कई सालों तक ख़ुफ़िया नेटवर्क की निगरानी की है. इसी के साथ वह वाजपेयी जी के कार्यकाल में पीएमओ के सलाहकार भी रहे हैं.

5- जनरल गगनदीप बख्शी- इस दौड़ में एक नाम जनरल गगनदीप बख्शी का भी नाम आ रहा है. कारगिल युद्ध के का नायकत्व देखने के चलते उन्हें विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है. आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ बख्शी हमेशा आक्रामक रहे हैं. सोशल मीडिया पर जनरल बख्शी के राज्यपाल बनने की चर्चा तेज हैं. हालाँकि आधिकारिक रूप से अभी तक इन नामों के बारे में कोई घोषणा नहीं की गयी है. अगर मेजर बख्शी को राज्यपाल बना दिया जाता है तो आतंकियों और पत्थरबाजों की आफत आ जाएगी. अब देखना यह है कि कौन इनमें से राज्यपाल बनता है.

मोदी सरकार ने आतंकियों से निपटने के लिए जो कदम उठाया है,उससे आप सहमत हैं? कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं.

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