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बड़ी खबर: कुमारस्वामी की ये हरकत पड़ गयी उल्टी, गठबंधन अब फिर टूटने की कगार पर?

कर्नाटक में भारी घमासान के बाद गठबंधन की सरकार तो बन गयी है लेकिन इस गठबंधन को लेकर आये दिन तरह तरह की खबरें आती रहती हैं. सरकार बनने के बाद दोनों दलों के विधायकों में मंत्री पद को लेकर होड़ मची हुई थी. वहीँ वित्त मंत्रालय को लेकर भी कांग्रेस और जेडीएस में खींचतान मची थी. इस पद के लिए भी राहुल गाँधी ने जेडीएस को देने के लिए मंजूरी जता दी थी. इसके पीछे की वजह ये थी कि राहुल गाँधी को डर था कि कहीं जेडीएस बागी ना हो जाए और बीजेपी को समर्थन ना दे दे. जिसके चलते ही राहुल गाँधी ने जेडीएस से ज्यादा सीटें होने के बावजूद भी घुटने टेक दिए थे.

कर्नाटक में गठबंधन के बाद राहुल गाँधी और कुमारस्वामी Image Source

जानकारी के लिए बता दें देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और मोदी लहर को रोकने के लिए सारी विपक्षी पार्टियाँ एक हो रही हैं लेकिन जनता सब समझ चुकी है कि ये सिर्फ अपने फायदे के लिए ऐसा कर रही हैं. इन पार्टियों को जनता के हित से कोई मतलब नहीं है. मोदी लहर को रोकने के लिए 23 मई को कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में आये महागठबंधन की हवा 25 दिन में ही निकल गयी है. दिल्ली के सियासी मोर्चे पर जो देखने को मिला है. जहाँ एक ओर महागठबंधन करके राहुल गाँधी पीएम बनने का सपना देख रहे हैं वहीँ विपक्षी नेता ही उन्हें झटका देते जा रहे हैं.

केजरीवाल के समर्थन में मिलने पहुंचे विपक्ष के कुमारस्वामी समेत 4 मुख्यमंत्री Image Source

दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस समय एलजी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. जहाँ एक ओर कांग्रेस ने इस आप के इस प्रदर्शन से दूरी बना ली है वहीँ विपक्ष के 4 मुख्यमंत्रियों में उनके समर्थन में महागठबंधन के चार प्रमुख नेता ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, कुमारस्वामी और केरल के सीएम पी विजयन आए हैं लेकिन महागठबंधन के अन्य सहयोगियों ने इससे दूरी बनाई है. कुमारस्वामी ने अरविन्द केजरीवाल से मिलकर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है. कांग्रेस-आप के लिए इस वजह से समर्थन करना नहीं चाह रही कि उसके लिए दिल्ली में सत्ता का डर है. कर्नाटक में कांग्रेस के समर्थन के बाद ही जेडीएस के कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. एलजी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन में कुमारस्वामी का अरविन्द केजरीवाल से मिलना उल्टा पड़ गया.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी Image Source

गौरतलब है कि कांग्रेस की दया के बाद ही कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं. कुमारस्वामी बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में केजरीवाल के आवास पर पहुंच तो गये लेकिन इस बात को लेकर राहुल गाँधी उनसे नाराज हो गये हैं. जिसके बाद से कुमारस्वामी की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. जिससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक बार फिर गठबंधन में दरार आ सकती है. राहुल गाँधी की तरफ से कुमारस्वामी को बड़ा झटका मिल सकता है. क्या गठबंधन वहीँ सूत्रों ने ये भी बताया है कि कुमारस्वामी राहुल गाँधी को मनाने दिल्ली में उनके आवास पर मनाने पहुंचे हैं. कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों में से मात्र 38 सीट जीतकर कुमारस्वामी कांग्रेस की वजह से अनैतिक और असंवैधानिक तरीके से मुख्यमंत्री तो बन गये हैं लेकिन इनके बीच आने वाली दरारें कम नहीं हो रही हैं. इससे यही साफ होता है कि ये गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं टिकने वाला है.

क्या कर्नाटक में हुआ अनैतिक तरीके से गठबंधन सिर्फ बीजेपी को रोकने के लिए चाल थी या सही था ? इसपर आप अपनी राय दे सकते हैं.

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