Posted By wpadmin
पीएम मोदी के खिलाफ महागठबंधन की कर रहे थे सब बात लेकिन दिल्ली में क्या हुआ देखिये

कर्नाटक में चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी ने जेडीएस के साथ गठबंधन कर जिस तरह से कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में सभी विपक्षी दलों को एक मंच पर एकत्रित कर लिया, उससे आगामी लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की चर्चा होने लगी. लेकिन अब इस महागठबंधन को लेकर जो ख़बरें सामने आ रही हैं उससे राहुल गाँधी के पीएम बनने का सपना चूर-चूर हो जाएगा. राहुल गाँधी ने कभी नहीं सोचा होगा कि महागठबंधन चार दिन की चांदनी और फिर अँधेरी रात की तरह हो जाएगा.

Source

इस बात को तो आप सभी लोग जानते ही हैं कि कर्नाटक में कांग्रेस ने जेडीएस से गठबंधन सिर्फ और सिर्फ भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए किया. इसके बाद सीएम पद की शपथ में जिस तरह से सभी विपक्षी दलों ने महागठबंधन की चर्चा को हवा दे दी उसने भाजपा के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मुसीबत तो खड़ी कर ही दी थी लेकिन आखिरकार इस महागठबंधन को लेकर जो उम्मीद लगाई जा रही थी अंत में वही हुआ.

Source

कर्नाटक में सीएम शपथ ग्रहण समारोह में आपने जो तस्वीर देखी उसकी असलियत अब सामने आ रही है. दरअसल, दिल्ली के सीएम केजरीवाल इस समय एलजी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके समर्थन में महागठबंधन के चार प्रमुख नेता ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, कुमारस्वामी और केरल के सीएम पी विजयन आए हैं लेकिन महागठबंधन के अन्य सहयोगी इससे अलग हैं. वहीँ कांग्रेस पार्टी ने इससे दूरी बनाई हुई है.

Source

दरअसल, कांग्रेस पार्टी अगर केजरीवाल का समर्थन करती है तो उसे दिल्ली  में सत्ता के नुकसान का अंदेशा है. उसे डर है कि अगर वो कांग्रेस पार्टी का समर्थन करती है तो उसे दिल्ली में वापसी करने का मौक़ा नहीं मिलेगा. इसी के चलते कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साधना ही बेहतर समझा है. वहीँ महागठबंधन के अन्य नेता केजरीवाल के समर्थन में हैं जिससे महागठबंधन में दरार देखने को मिल रही है.

जिस तरह से महागठबंधन को लेकर अभी से बिखराव की ख़बरें आ रही हैं उसे देखकर आपको क्या लगता है कि 2019 लोकसभा चुनाव आते-आते महागठबंधन की क्या स्थिति होगी? इस पर कमेंट कर आप अपनी राय दे सकते हैं.  

Source