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जम्मू-कश्मीर : पत्रकार की हत्या पर श्वेता सिंह ने शेहला राशिद को ऐसे पकड़ लिया कि जुबान पर लग गया ताला

जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या कर दी गई. शुजात बुखारी की हत्या के पीछे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की साजिश की बात कही जा रही है. इस बारे में लेफ्टिनेंट जनरल ऐ.के. भट्ट ने मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी कि पत्रकार बुखारी की हत्या एक साजिश के तहत की गई. वहीँ शुजात बुखारी की हत्या को लेकर कुछ दलों द्वारा राजनीति भी की गई. वहीँ इस मामले पर जेएनयू की छात्रा शेहला राशिद ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. शेहला राशिद ने एक ऐसा ट्वीट किया है जिस पर आजतक न्यूज़ चैनल की महिला एंकर श्वेता सिंह ने उन्हें करारा जवाब दिया है. शेहला राशिद आगे से ऐसा ट्वीट करना ही भूल जाएंगी.

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शेहला राशिद ने अपने ट्वीट में सेना और सुरक्षा बलों पर निशाना साधा है. शेहला राशिद ने शुजात बुखारी के अंतिम संस्कार से पहले ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि शुजात के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं. शुजात के अंतिम संस्कार में सभी लोग यही बात कर रहे हैं कि आखिर शुजात को किसी ने क्यों मारा. उनका मानना ​​है कि यह एजेंसियों का काम है, सवाल यह है कि आखिरकार उस वक्त वहां पुलिस या सीआरपीएफ क्यों नहीं थी.

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शेहला राशिद के इस तरह के सवाल पर न्यूज़ एंकर श्वेता सिंह ने करारा जवाब दिया है. श्वेता सिंह ने अपने ट्वीट में शेहला राशिद पर प्रहार करते हुए लिखा है कि “एक बार सही-सही फ़ैसला कर लीजिए मैडम, CRPF से जान को ख़तरा है या सुरक्षा है ? किसी की मृत्यु पर भी अपना एजेंडा बेचना ज़रूरी है क्या ?”

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श्वेता सिंह के इस ट्वीट पर यूजर्स ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया है. इतना ही नहीं यूजर्स ने शेहला राशिद को मजेदार जवाब भी दिया है. श्वेता सिंह के ट्वीट पर सिमरन सिंह नाम की एक यूजर ने शेहला राशिद पर निशाना साधते हुए लिखा है कि “मैम ये शेहला राशिद पैसे के लिए खुद को बेच दे. घटियापंती की सारी हदें तोड़ दी इसने.” 

इतना ही नहीं हुकुमदेव यादव नाम के एक यूजर ने शेहला राशिद पर निशाना साधते हुए लिखा है कि “जब देश आजाद हुआ था तब ज्यादातर आतंकी पाकिस्तान चले गए थे, नेहरू जी की मेहरबानी से कुछ उनके समर्थक यहाँ रूक गए थे. आज उसी के फलस्वरूप ऐसे लोग इस देश मे हमारी आर्मी सेना पर उंगलिया उठाते है.”

शेहला राशिद जैसे लोग कभी कहते हैं कि पुलिस और सेना के जवाब कश्मीर के लोगों पर अत्याचार करते हैं तो वहीँ आज की स्थिति में शेहला राशिद उनसे ही मदद की उम्मीद कर रही हैं और सवाल भी खड़ा कर रही हैं. ऐसे लोग हमेशा ही सुर्ख़ियों में रहने के लिए ऐसा करते हैं. इतना ही नहीं ऐसे लोग समय-समय पर गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर होते हैं. बता दें कि पत्रकार शुजात बुखारी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई. इस हमले में उनके साथ उनके 2 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई थी.

शेहला राशिद जैसे लोग हमेशा ही भारतीय सेना पर सवाल खड़े करते रहते हैं. शुजात बुखारी के मामले में उनका इस तरह का सवाल खड़ा करना सही है या गलत. इस पर कमेंट कर अपनी राय व्यक्त करें.